अत्यधिक चिंता को रोकने के तरीके - extra ki chinta ko kaise roke ~ wiki hindi

अत्यधिक चिंता को रोकने के तरीके - extra ki chinta ko kaise roke

दोस्तों ऐसा कौन नही है जो कभी भी चिंता नही करता। हर कोई दुनिया मे अपने भविष्य की हमारे समस्याओ की ओर बहुत सी बातें है उनकी चिंता करता रहता है। दोस्तों चिंता करना यह नॉर्मल बात है लेकिन अगर जब आप अत्यधिक चिंता करते है तो यह हमारे लिए नार्मल बात नही होती।  इसका प्रभाव हमारे दिमाग के ऊपर पर सकता है। अगर आप बीती हुई घटनाओं के बारे में चिंता करते है या अगर आप हमारे पास्ट में कई गयी गलतियो की वजह से चिंता करते है जो नही करनी थी तो आप अपने ही दिमाग को kill करने का काम करते है और अपने आपको कमजोर करते है। इसलिए हम आपके लिए चिंता को रोकने के ऐसे तरीके लाये है जिन्हें पढ़कर यकीनन आप आसानी से अपनी अत्यधिक चिंताओं को रोक सकते है।
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अत्यधिक चिंता को कैसे रोके -  extra ki chinta ko kaise roke

1] अनिश्चितता स्वीकार करें

दोस्तों किसी के भी जीवन मे एक जैसी ही चीजे नही होती हर इंसान का अलग अलग पहलू होता है जिसे हर इंसान को स्वीकार करना होगा। इसलिए, बेहतर जीवन जीने के लिए अनिश्चितता के लिए कुछ सहिष्णुता विकसित की जानी चाहिए । लेकिन अनिश्चितता बहुत मुश्किल होती है कभी-कभी ये नकारात्मक चीजो से भी बुरी लग सकती है। जैसे आपने कई बार देखा होगा कि, कल्पना रियलिटी से भी बुरी हो सकती है। इसलिए, हमारे जीवन मे कुछ ही निश्चितताएं हैं ओर भविष्य की काल्पनिक स्थितियों के बारे में चिंता करने से बचने के लिए है हमे अनिश्चितता स्वीकार करनी चाहिए।

2] जानें कि आपके स्वास्थ्य के लिए चिंता क्या है

जो लोग चिंताओं से सफलता पूर्वक नही लड़ पाते और उन्हें जवानी में ही यह चिंताएं उन्हें कमजोर कर देती है।  वह लोग खुद को याद दिलाएं कि, आपके मन, शरीर और आत्मा के लिए क्या चिंता कर सकती है चिंता वैज्ञानिक रूप से कई रोग यानी सर्द, पेट की बीमारी,दिल की बीमारियों से जुड़ी हुई है ओर इन बीमारियों का कारण बन जाती है। इसलिए हमारे स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर ही सही हमे अतिरिक्त  चिंता नही करनी चाहिए।

3] चिंता करने का निर्धारित समय सेट करें

दोस्तों आपको यह काम अलग ही लग सकता है लेकिन हर समय अपने काम के समय की गई अतिरिक्त चिंताओं को रोकने के लिए आपको चिंता करने का निर्धारित समय सेट करने की जरूरत है। ऐसा करने से आप चिंता को कम करने के साथ आत्म-नियंत्रण की भावना को बढ़ा सकते है। दोस्तों अगर आप रात को सोते समय चिंता करते है तो आप सुबह का 10 से 15 मिनेट चिंता करने का समय सेट कर ले। ऐसा करने से आप दिन भर काम के वक्त ओर रात के समय चिंता नही कर पाएंगे। इसलिए यह भी अतिरिक्त चिंता को कम करने का बढिया तरीका है।


4]  नियंत्रण विचित्र होने से रोकें

बहुत से लोग जो कई सालों से चिंता से ग्रस्त है जो कई सालों से किसी बात की चिंता करते है वह डरकर वह नियंत्रण को विचित्र कर सकते है। दोस्तों अगर आप भी उन्ही लोगो मे से एक हो जो सालों से चिंता में है तो आपको यह स्वीकार करना होगा कि जो बात हो गयी है उसे हम चिंता करके कंट्रोल नही कर सकते। इसलिए आप उस चिंता को रिपीट रिपीट न दोहराए ओर उस समय की गई गलती को ओर उस समय हो गयी घटना को भूल जाये और वर्तमान में खुश रहकर जीवन जियें।
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5] हमेशा माइंड फूल रहें

मानसिकता एक प्राचीन बौद्ध सिद्धांत है जिसका अर्थ है वर्तमान क्षण में रहे और सभी भावनाओं को चाहे वह अच्छी हो या बुरी हो सभी को स्वीकार करें। यह तकनीक चिंता को रोकने के लिए सबसे अच्छी बात  साबित हुई  है गहरी और दिमाग से साँस लेने से आपको  वर्तमान क्षण में रहने में भी मदद मिल सकती हैं।

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6] नकारात्मक विचारों पर सवाल उठाये

दोस्तों हम ऐसे नकारात्मक विचार करते है जो तर्कहीन रहते है उनका कोई कारण नही होता है। वह नकारात्मक विचार आपके भविष्य को निराशावादी बना सकते है। इसलिए आपको इन नकारात्मक विचारों को फेस करना होगा और उनपर सवाल उठाने होंगे। ओर इन्ही सवालो से आपको नकारात्मक विचारों से छुटकारा भी पाना होगा।

7] स्थिति को स्वीकार करें या इसे सुधारने का प्रयास करें

आपकी चिंता किसी भी प्रकार की हो सकती है। इसलिए सबसे पहले आपकी चिंता की पहचान करें कि यह कोनसे प्रकार की है। क्योंकि चिंता का कुछ अंश वास्तव में रचनात्मक हो सकता है और समस्याओं को सुलझाने का नेतृत्व कर सकता है। उस समय अपने आप से पूछें कि, क्या बुरा है जो हो सकता है और परिणाम को स्वीकार करने के लिए तैयार हो जाए और हो सके तो अपनी स्थिति को सुधारने का भी प्रयास करें।
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