मौसमी अवसाद / तनाव से कैसे बचें - seasonal depression ko kaise roke ~ wiki hindi

मौसमी अवसाद / तनाव से कैसे बचें - seasonal depression ko kaise roke

दोस्तों जब मौसम बदलता है तब हमारे दिमाग को बहुत सी बातों का सामना करना पड़ता है और इसकी वजह से उस समय हम मोटिवेशन खो देते है। यह कई कारकों के परिणामस्वरूप होता है जब सूरज की रोशनी में गिरावट होती है मौसमी बदलाव होने की वजह से भावनात्मक विकार से ग्रस्त होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जब मौसम में बदलाव आता है तब  हमारे शरीर को पर्यावरण में बदलाव के लिए अनुकूल होना चाहिए। लेकिन यह बात हमारा दिमाग महसूस नही करता कि, मौसम के बदलाव से हमारे शरीर मे कोनसे बदलाव हो रहे है और इन अवसादों को कैसे रोकें। इसलिए हम आपके लिए यह तरीके लाये है जिन्हें पढ़ने से आप मौसमी अवसाद को आसानी से रोक सकता है।



मौसमी अवसाद से कैसे बचें - seasonal depression ko kaise roke

1]  एक्सरसाइज करें

दोस्तों एक्सरसाइज यह शरीर को हैल्थी मजबूत रहने  का ओर मौसमी अवसाद को रोकने का सबसे बेहतर तरीका है। क्योंकि शारीरिक व्यायाम से कई गुड-एंडोर्फिन जारी होते हैं जो तनाव के हार्मोन को कम कर सकते हैं। इसलिए आप सुबह उठकर रनिंग,जॉगिंग, साइकिलिंग या इतर शारीरिक व्यायाम 1 घंटे तक भी करेंगे तो आप मौसमी अवसाद को रोक सकेंगे।
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2] हैल्थी  खाना खाएं

दोस्तों मौसमी अवसाद से गिरने से बचने के लिए रोजाना हेल्थी खाना खाना चाहिए। आपको उस समय मजबूत रहने के लिए अंडे, मछली, फल, हरि सब्जिया ओर अनाज जैसे पदार्थ खाने चाहिए जो आपको विटामीन प्रोवाइड करते है।ओर आपका डिफेंस भी बढ़ाते है इन्हें खाने से आप ठंड ओर सर्दी से भी बचे रहेंगे और मौसमी अवसाद से भी बचे रहेंगे।

3] मेडिटेशन ओर योगा करें

आपको पता ही है कि, मेडिटेशन ओर योगा करने से हमारे शरीर को जितने फायदे होते है उतने शायद व्यायाम से भी नही होते। इसलिए हमें मौसमी अवसाद से बचने के लिए हमारे बॉडी को मजबूत बनाने के लिए योगा ओर मेडिटेशन करने की जरूरत है। अगर आप योगा करेंगे तो योगा आपके मन का मौसमी अवसाद को कम करने में मदद करेगा ओर मेडिटेशन करने से आप सभी चिंताओं को छोड़कर प्रेजेंट में रह पाएंगे। इसलिए आपको योगा करके सिर्फ ध्यान पर फोकस करना होगा जिससे आपके शरीर के गुड हार्मोन रिलीज हो जाएंगे और आप मौसमी अवसादों से बचकर स्वस्थ रह सकेंगे।


4] सूरज की किरणों का फायदा उठाये

शरद ऋतु में हर बार यह जल्दी ही अंधेरा हो जाता है और ठंड की वजह से हमे सूरज की रोशनी बहुत अच्छी लगती है। क्योंकि यह हमें सेरोटोनिन को रिलीज करने में मदद करता है। इसलिए हमारी शक्ति न खोने के लिए आप जितना जल्दी हो सके अपना वर्क कर लें ओर दिन के वक्त आप अपनी ऐक्टिविटीज को कम न होने दे और सूरज के रोशनी का फायदा उठाये। ऐसा करने से आपका शरीर ठंड नही पड़ेगा और आपके शरीर को सर्द की समस्याएं नही आएगी।


5] अपनी भावनाओं को व्यक्त करें

दोस्तों शरद के मौसम में हमे हमेशा ऐसा फील होता है कि हमारी सहनशीलता कम हो रही है।  इसलिए जिस समय आपके मन मे जो भी भावनाएं आ रही है उसी  उन्हें आप व्यक्त कर दें।  क्योंकि यह न केवल आपको उस दिन बेहतर महसूस करने में मदद करेगा, इसके अलावा आप अपनी भावनाओं को भी क्लीन कर पाएंगे।

6] तनाव को कम करें

बिगड़े से मौसमी अवसाद के लक्षणों को रोकने के लिए, सभी प्रकार के तनाव को खत्म करने का प्रयास करें। आप सर्दियों के समय अपने जो कार्यक्रम है उन बिना किसी तनाव से पूरा करो और हमेशा सर्दियों के समय ऐक्टिविटीज ओर व्यायाम करके अपने मौसमी तनाव को कम करने का प्रयास करो।


7] अपनी रौटीन चेंज करें

गर्मी के दौरान हम व्यावहारिक रूप से सभी दिनचर्या खो देते हैं और जब गिरावट आती है तो इसे अधिक उत्पादक लय पर लौटने के लिए बहुत मुश्किल होती है। इसलिए आप उस समय अपनी रौटीन को बदल दे आप बाहर के कामो को करें, अपने मित्रों के साथ बाते करें और एन्जॉय करें या अपने रिश्तेदारों से मिलने की कोशिश करें। ओर आराम से खरीदारी करें। इस तरह आप मौसमी अवसाद को रोकने के लिए अपनी रौटीन को चेंज करना होगा।
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8] मसाज करें या भाप लें

दोस्तों अगर आप 10 से 15 मिनट तक आपके शरीर की मालिश करते है तो यह मालिश आपके दिमाग को ओर शरीर को आराम देने का काम करती है। इसके आप सर्दियों के दिनों गर्म पानी मे बाम डालकर उसकी भाप लेकर अपने नाक को आराम दे सकते है। दोस्तों आप तेल के साथ सेल्फ मसाज करके अपने तनाव को कम कर सकते है। इसलिए यह भी मौसमी अवसादों को रोकने का बढिया तरीका है।

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9] आराम करें

दोस्तों हमारे किसी भी तरह के तनाव को खत्म करने के लिए हमारे शरीर को आराम की जरूरत होती है। इसलिए रोजाना रात के समय लगभग 8 घंटे सोना हमारे स्वस्थ के लिए आवश्यक है। क्योंकि रात के समय अच्छी नींद लेने से हमे सुबह उठलर व्यायाम करने की प्रेरणा मिलती है। इसलिए मौसमी अवसादों से बचने के लिए आपको रात में 8 घंटे सोकर अपने शरीर को ओर मन को आराम देने की जरूरत है।

दोस्तों  इस तरह आप मौसमी अवसादों को रोक सकते है।अगर आपको यह लेख पसंद आया है तो आप इसे अपने उन दोस्तो के साथ शेयर करें जो मौसमी अवसादों को रोकना चाहते है धन्यवाद।

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