बहरापन की हानि होने से कैसे बचे - hearing loss hone se kaise bache ~ wiki hindi

बहरापन की हानि होने से कैसे बचे - hearing loss hone se kaise bache

दोस्तों हमे कभी भी बहरापन हो सकता है जो हमारी किसी भी उम्र में बुरा इफेक्ट दाल सकता है। जिन लोगो की सुनने की क्षमता कम हो जाती है या बहरापन हो जाता है उन लोगो को जीवन मे बहुत सी समस्याओ का सामना करना पड़ता है । अगर आप हियरिंग लॉस होने से बचना चाहते है तो आपको फैट युक्त पदार्थ जैसे मांस, डेयरी प्रोडक्ट और मीठे खाद्य पदार्थ को लिमिट में ही खाना चाहिए। अगर आपको बहरापन की समस्याएं है या आप अपनी हियरिंग लॉस होने से रोकना चाहते है तो आप नीचे दिए गए आर्टिकल को ध्यान से पढ़ें। जिसे पढ़कर आप अपने बहरापन को रोक सकते है।


बहरापन की हानि होने से कैसे बचाये - hearing loss hone se kaise bachaye

1] हेडफोन इस्तेमाल करते समय ब्रेक लेते रहे

आजकल हर कोई म्यूजिक का दीवाना है और हर इंसान म्यूजिक को हेडफोन में सुनना पसंद करता है। लेकिन जब आप हेडफोन का वॉल्यूम बढ़ाते है तब आप संगीत को अनुभव करते है और एंटरटेनमेंट का पूरा मजा लेते है। लेकिन उस समय ज्यादा साउंड की वजह से आपके कानो में हानि हो सकती है। इसलिए जब भी आप हेडफोन में गाना सुनते है तब बीच बीच मे ब्रेक लेते रहें। ताकि उसका बुरा असर अपने कानों में न पड़ें।
loading...

2] कानो को क्लीन करते समय शार्प ऑब्जेक्ट का उपयोग न करें

बहुत से लोग कान को घर पर ही क्लीन करते है और शार्प ऑब्जेक्ट का उपयोग करके खुद के कानों को खराब कर देते है। दोस्तों हमे यह बात ध्यान में रखनी होगी कि, हमारे कानों में सेल्फ क्लीनिंग प्रोसेस  है जो खुद को साफ कर सकती है उन्हें साफ करने के लिए पिन, कलम या पेंसिल का उपयोग न करें।

3] प्यास का उपयोग करें

सुनवाई हानि और बहरापन के लिए प्याज को सबसे बड़ी घरेलू उपचार के रूप में जाना जाता है। सुनवाई हानि और बहरापन से निपटने के लिए प्याज का उपयोग करने के लिए, आप पानी के बारे में 300 ग्राम प्याज को 1 लीटर पानी में मिलाकर कम से कम आधा दिन तक रखें। आप इसे रोजाना 3 ग्लास पीकर अच्छे रिजल्ट देख सकते है। इसके अलावा आप बच्चो के मिडल एअर इन्फेक्शन को ट्रीट करने के लिए अफेक्ट हुई जगह पर प्यास को पैक करके रख सकते है।

4] जहां शोर हो रहा है वहा अपने कानों को सुरक्षित रखें

दोस्तों इंडिया में बहुत भीड़ होने की वजह से हर जगह हमे शोर का सामना करना पड़ता है और इसी शोर की वजह से हमारे कानो को नुकसान हो सकता है। इसलिए आप जब वहा जाते है जहां शोर हो रहा है वहा प्रोटेक्टिव हेडफोन पहने ओर प्रोटेक्टिव एअर ड्रम पहने। दोस्तों हो सकें तो उन जगहों से दूर रहने की कोशिश करे जहां शोर हो रहा है और लाउड आवाज में म्यूजिक सुनने से बचें या उस म्यूजिक को कम समय के लिए सुने।

5] हियरिंग लॉस के लक्षण और खतरों को जाने

दोस्तों बहुत से लक्षण ऐसे होते है जिनसे आप हियरिंग लॉस होने के खतरे के बारे में जान सकते । है जब आपके कान में घंटी जैसी आवाज आती है तब यह हियरिंग लॉस के खतरे का पहला लक्षण है। बाहर होने वाले विस्फोट या बैंड के अचानक शोर की वजह से हियरिंग लॉस हो सकता है। आप इन लक्षणों को देखने के लिए tv का आवाज कम कर सकते है और लोगो से पूछ सकते है कि, आपको आवाज सुनाई दे रही है?  दोस्तों अगर आप इन लक्षणों के बारे में जान गए तो आप हियरिंग लॉस के खिलाप अच्छा कदम उठाकर अपनी सुनने की क्षमता को प्रोटेक्ट कर सकते हो।
loading...

6] टी ट्री ऑइल

दोस्तों अगर आपकी सुनने की क्षमता कम हो गयी है तो आप टी ट्री ऑइल का उपयोग करके हियरिंग लॉस से अपने कानों को बचा सकते है। टी ट्री ऑइल का उपयोग करने से बहरापन के खिलाप पॉजिटिव इफ़ेक्ट पड़ता है। आप 3 ड्राप  टी ट्री ऑइल में 2 चमच ओलिव ऑइल दाल सकते है 1 चम्मच कोलाइडयन और 1 टीएसपी का सेब साइडर सिरका को मिक्स करके उसे हीट कर सकते है। उसके बाद, आप इस मिश्रण को अपने प्रभावित कानों में रखें ओर इसे 5 मिनट तक रहने दें। दोस्तों इस उपचार का उपयोग करके भी आप हियरिंग लॉस होने से बच सकते है।

पढ़ें : तनाव को कम कैसे करे

पढ़ें : ब्लड प्रेशर को कम कैसे करें

पढ़ें : लाल आंखों को कैसे ठीक करें

7] साउंड को मध्यम लेवल पर रखें

दोस्तों अगर आप म्यूजिक के दीवाने है और आप हद से ज्यादा समय तक म्यूजिक सुनते है तो आप हेडफोन का उपयोग न करें। क्योंकि हेडफोन कानों पर ध्वनि को निर्देशित करते हैं और लंबे समय तक जोखिम से बहरेपन की हानि हो सकती है। ओर हेडफोन का कनेक्शन कानो के मेल से जुड़ने के बाद कान में वैक्स का प्रोडक्शन बढ़ता है। इसलिए जहां संभव हो म्यूजिक सुनने के लिए हेडफोन के बजाय tv का उपयोग करें और साउंड को मध्यम लेवल पर रखें।

दोस्तों इसी तरह आप अपने बहरेपन की हानि को रोक सकते है। अगर आपको यह आर्टिकल अच्छा लगा है तो इसे अपने उन दोस्तों के साथ शेयर करें जो हेडफोन का इस्तेमाल ज्यादा करते है और उन्हें कभी कभी बहरेपन की समस्या होती है।
Previous
Next Post »
Thanks for your comment